लेखन की प्रक्रिया के बीच


लेखन करना अत्यंत मुश्किल भर काम होता है। जब हम किसी भी विषय पर  लेखन करते है । तब बड़ा मुश्किल हो जाता है विषय और उसकी शैली का चयन करना बड़ा सोच समझकर कर हम फिर कुछ लिखने की चेष्टा करते है। 

जब  हम  कुछ पढ़ते है तब कुछ ग्रहण करते है । बड़ी सुंदर होती है ये यात्रा जहां पर हम नए -नए किरदारों से मिलते है। महसूस कर पाते है किसी का रोना , किसी का हंसना किसी के जीवन में खो सा जाते है जहां पर होते  तो केवल काले काले शब्द  किन्तु उसको पढते वक्त अपने जीवन के सुख दुख भूल सा  जाते है।  अपने जीवन के अनुभव के मुताबिक हम साहित्य को समझते है।

एक एक कर हम दूसरे की जिंदगी से अपने जीवन के अनुभव को महसूस कर पाते है । इसके माध्यम से हम एक अलग ही दुनिया में प्रवेश करते जाते है।

कौन कहता है कि लिखना आसान होता है हर अनुभव से अभिव्यक्ति कर हम शब्द को गढ़ते है। कुछ लिखने के लिए हमें बहुत कुछ पढ़ना होता है।  शब्दों की कीमत हम तब ही तो समझ पाते है । 



Comments