दिवाली वो त्यौहार जिसका हम सबको बेसब्री से इंतजार होता है ∣ हो भी क्यों न, ये दिवाली का त्यौहार ही तो है ∣ जो हम सब को एक नयी ऊर्जा से भरा देता है ∣ जहां पर अपने घर से दूर रहे रहे लोगों को कुछ दिन के लिए घर जाने का वक्त दे देता है ∣ हालांकि दिवाली का त्यौहार हम सब के लिए चुनौती भरा भी होता है ∣ घर के हर कोने की सफाई करते करते मालूम चलता है ∣ कि घर के काम को करना भी कितना कठिन सा होता है ∣ जो हमारी खोयी हुई स्मृति को जागाकर हमें एक बार फिर बचपन में जीने का मौका देता है ∣ ये त्यौहार ही होता है ∣ जब हम अपनों के करीब आते हैं ∣
क्यों न इस बार की दिवाली में अपने घर की सफाई के साथ अपने मन की भी सफाई करें ∣ जहां पर किसी के लिए किसी तरह का कोई मैल न हो ∣ मन में मिठाई की मिठास सी हमारी वाणी हो ∣ क्यों न इस दिवाली शीशे से साफ हमारा दूसरो के लिए मन हो ∣
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