इस दुनिया में हम सब का जन्म किसी न किसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए होता है ∣ जो अपने लक्ष्य को जितने जल्दी समझ लेता है वो इंसान उतने जल्दी उसे पाने के लिए लग जाता है ∣ इस बीच उसका सामना जीवन के कठोर सत्य से होता है ∣ जहां पर उसे मालूम चलता है कि उसका उद्देश्य पूर्ण करने के अलावा उसके कुछ कर्तव्य भी है जो उसे पूरे करने होगें∣
इस बीच वो अनेक बार टूटता है अनेक बार जुड़ता है ∣ बहुत से दर्द को सहकर वो आगे चलता है ∣
पर अपने दर्द तो वो आसानी से सह लेता है मुश्किल तो वहां से खड़ी होती है∣ जहां पर वो अपनों को दर्द सहते हुए देखता है ∣ जहां पर वो चाहकर भी कुछ नहीं कर पाता है ∣
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