आदर्श महज एक शब्द नहीं अपितु हम सब के जीवन का एक मजबूत आधार है ∣ जो हमारे जीवन की गति को निश्चित करता है ∣ हमारी ऊंचाई को नाप लेता है ∣ हमारी सीमा को तय कर देता है ∣
आज हमें से ज्यादातर को अपना आदर्श नहीं पाता है कौन है ? इसके चलते आज हम अपने जीवन में बहुत उदासीन रूप से केवल उसे जी रहे हैं ∣
इसका कारण जीवन में कोई निश्चित लक्ष्य का न होना, किसी भी महापुरुष के जीवन को न पढ़ना है ∣
हमारे जीवन की आधी लड़ाई केवल और केवल इस पर सीमित हो जाती है कि हमारा आदर्श कौन है ∣
जब हमारा आदर्श होता है ∣ तो हमारे विचार भी उसके अनुरूप अलग हो जाते हैं ∣ हम जीवन की परिस्थितियों को लेकर अलग प्रतिक्रिया करते हैं ∣ इसके विपरीत बिना आदर्श के जीवन हमारा उस अधेरी रात की तरह हो जाता है ∣
जो की प्रकाश के आने का इंतजार कर रहा है ∣ पर उसमें स्वयं इतना साहस नहीं कि वो किसी के जीवन का प्रकाश बन सके ∣
इसके लिए जरूरी है जीवन में आदर्श का होना..जो हमारे अंधकारमय जीवन में प्रकाश ला सके ∣ इसके अलावा ये बात भी बेहद महत्वपूर्ण है कि हमारे जीवन का आदर्श कौन है ∣
आज के समय में हमें अगर इस बदलती दुनिया में खुद का अस्तित्व बनाएं रखना ..तो हमारे आदर्श का होना अत्यंत जरूरी है ∣
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