हम सब को भारत (India) के संविधान (Constitution) में अनुच्छेद 14 के तहत समानता का अधिकार (Right to Equality) दिया गया है ∣ इसके मुताबिक कानून के समक्ष सभी लोग समान है इसमें कोई बड़ा या छोटा नहीं है∣ वहीं भारतीय दंड संहिता (Indian panel code) की धारा 377 के तहत अब समलैंगिक होना किस तरह का कोई अपराध नहीं है ∣
बधाई दो (Badhaai Do) मूवी समलैंगिक विषय पर आधारित है ∣ इसमें राजकुमार राव (Rajkumar Rao)और भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar) दोनों ही बायोसेक्चुल है किन्तु समाज के डर से वो ये बात अपने परिवार से नहीं कह पाते हैं न अपनी पहचान जाहिर करते हैं ∣ पेशे से राजकुमार राव एक पुलिसममैन और भूमि पेडनेकर एक पीटी टीचर है ∣
कहानी आगे बढ़ती है भूमि और राजकुमार इस शर्त पर शादी कर लेते हैं कि वो दोनों केवल बाहर पति पत्नी होगें लेकिन घर में वो एक रूममेट की तरह होगें ∣
कहानी में सबकुछ अच्छा चल रहा होता है तब ही उनसे एक नार्मल भारतीय फैमिली की तरह ये सवाल पूछा जाने लगता है कि उन दोनों ने फैमिली बढ़ाने के बारें में कुछ सोच है की नहीं, ऐसे ही पूरा एक साल हो जाता है ∣ जब भूमि को राजकुमार की माँ एक लड़की के साथ अनुचित अवस्था में देख लेती है ∣ तब दोनों अपने समलैंगिक होने की बात अपने परिवारों को बता देते हैं ∣ इसके चलते दोनों परिवारों में भूचाल सा आ जाता है ∣
पहले तो उनका परिवार इस चीज के लिए राजी नहीं ह़ोता किन्तु फिर वो भी स्वीकार कर लेते हैं भूमि और राजकुमार एक बच्चे को गोद ले लेते और उसे एक सामान्य माता पिता की तरह रखने की सोचते हैं अपनी समलैंगिकता की पहचान के साथ जिसमें उन दोनों के पार्टनर भी उनके साथ होते हैं ∣
इस फिल्म की कहानी दर्शकों को बांधे रखने में पूरी तरह से सक्षम है ∣ इसकी सिनेमेटोग्राफी से लेकर डायलॉग डिलेवरी बहुत अच्छे से की गयी है ∣

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