देशभक्ति जिसका प्रभाव सब पर थोड़ा रहता ही है ∣ कोई इसे अपने जीवन में महत्वपूर्ण चीज बना लेता है ∣ तो कोई इस से ओत प्रोत होकर अपनी जिंदगी ही देशभक्ति के लिए न्यौछावर कर देता है ∣ जिसके लिए देश ही सबकुछ हो जाता है ∣
ऐसे ही भारत के महान सपूत थे भगत सिंह जिन्होंने मात्र 12 साल की आयु में एक ऐसी भयावह घटना देख ली जिसने उनके दिमाग में ये डाल दिया कि अंग्रेज़ो से उन्हें भारत को मुक्त करना है ∣
क्या थी वो घटना जिसने उन्हें बदल दिया?
वो घटना थी 'जलियांवाला हत्याकांड' जिसका नाम सुन आज भी कितने लोग थरथर कांपने लगते हैं ∣
जिसमें जनरल डायर के द्वारा सन् 1919 में किया गया एक ऐसा मानव नरसंहार था जिसने पूरी मानव जाति को डरा कर रख दिया और बता दिया की उस समय अंग्रेजो की भारतीयों के प्रति क्या धारणा थी ∣
जिसका कारण सिर्फ इतना था कि कुछ भारतीय वैशाखी के दिन में ' रोलेक्ट एक्ट ' का विरोध करने के लिए जलियांवाला बाग में एकत्रित हुए थे जिसमें बच्चे, बूढ़ो से लेकर महिलाएं भी शामिल थी ∣
भगत सिंह इस घटना से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपना सबकुछ छोड़कर केवल देश की सेवा में अपना पूरा जीवन लग दिया ∣
और अप ने जीवन के अंतिम क्षणों में देश के लिए हंसते हुए अपने प्राण दे दिया जिनकी आज शहादत दिवस है ∣

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