पैसा जिसे कमाना जितना मुश्किल होता है खर्च करना उतना ही आसान हो जाया करता है ∣
पहले जब मुद्रा नहीं आयी थी तब लोग अपने पास मौजूद चीज की अन्य व्यक्ति से अदल बदली कर अपनी आवश्यकता की पूर्ति कर लेते थे जिसे 'वस्तु विनिमय प्रणाली' के नाम से जान जाता था ∣
जैसे जैसे मानव ने अपनी सभ्यता का विकास किया वैसे वैसे मुद्रा के बदले हुए रूप हमारे सामने आए जिसमें समय के साथ आज भी परिवर्तन जारी है ∣
इसके इतिहास पर हम जाएं तो जानेगें कि सबसे पहले रोमनों ने चमड़े के सिक्के बनाएं थे जिसका उपयोग रूस के राजा पीटर द ग्रेट ने किया था ∣
जिसको भारत में मोहम्मद बिन तुगलक के द्वारा लाया गया था ∣
जिसकी कीमत इतनी थी कि एक व्यक्ति उस मुद्रा का उपयोग करके अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकता था ∣
जैसा की हम सब जानते हैं कि कागज का आविष्कार चीन में हुआ था जिसके कारण ये मान जाता हैं कि कागज के नोट का भी सबसे पहले प्रचलन चीन में हुआ था जिसकी शुरुआत झेनझोंग साम्राज्य से हुई जिसने दसवीं शताब्दी में चीन में राज किया और सबसे पहले करेंसी नोट की शुरुआत की ∣
जिसके बदले में सोने चांदी की मुद्रा ली जाती थी कागज का नोट हल्का और आसानी से ले जाने आने में आसान था जिसके चलते एक समय के बाद सिक्को का चलन खत्म हुआ ∣
आज सभी देशों की अपनी अपनी मुद्रा होती है जिस पर सरकारी नियंत्रण होता है जैसे भारत और पाकिस्तान में उनकी मुद्रा रूपया है जबकि अमेरिका में डाॅलर है ∣
जिस देश की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जितनी ज्यादा पकड़ होती है या कह जाए जो आर्थिक रूप से ज्यादा शक्तिशाली होता है उस देश की मुद्रा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उतनी मजबूत होती है ∣
ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि वो देश आयात ज्यादा करता है कि निर्यात अगर वो अपने देश की वस्तुओं को बेचता है तो उसके पास विदेशी मुद्रा आती है जबकि अगर वो देश अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीजों को खरीदता ज्यादा है तो उसकी मुद्रा की कीमत कम होती है ∣ एक डाॅलर की कीमत भारत की मुद्रा में करीब 75 रूपये है ∣
जिसका कारण यहां भी है भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है अमेरिका के द्वारा जब ईरान पर प्रतिबंध लगाया गया तब भारत की निर्भरता उससे हटकर अन्य देशों पर भी बढ़ गयी है जिसके कारण भारत को अधिक विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ी ∣
वही बात करें मुद्रा के न ए स्वरूप की तो वो डिजिटल करेंसी बिटकॉइन के नाम से हम सब के पास आए जिस पर सरकारी नियंत्रण नहीं है न ही बहुत ज्यादा कायदे नियम है ∣
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