इतिहास गवाह रहेगा इस जीत का

 

कहते हैं 'किसी चीज को तुम दिल से चाहों तो पूरी कायनात तुम्हें उससे मिलाने की साजिश करती है ∣ '

 



  अगर  चाहों किसी चीज को दिल से तो वो चीज तुम्हें जरूर मिलकर रहती है ∣

 आज  ओलंपिक  में भारत ने जैवलीन थ्रो में   गोल्ड मेडल अपने नाम किया है और जिसको लाने का श्रेय नीरज चोपड़ा को जाता  है ∣

आज उस देश के लोगों के लिए बहुत बड़ा दिन है क्योंकि एक बार फिर  भारत ने  खेल के क्षेत्र  में गोल्ड जीतकर अपने देश के नाम  किया है ∣

    इससे पहले   भारत ने इंग्लैंड में हुए 1948 के ओलिंपिक, 1952 में फिनलैंड ओलिंपिक और फिर 1957 में ऑस्ट्रेलिया में हुए ओलिंपिक खेलों में भी गोल्ड मेडल जीतकर भारत ने फिर से हैट्रिक लगाई। भारत अब तक लगातार 6 गोल्ड मेडल जीत चुका है।

कहते हैं "कि मिसाले दी जाती है बोली नहीं जाती है " ∣ आज ऐसी मिसाल पेश की नीरज चोपड़ा ने, 

जिन्होंने अपनी इस जीत का श्रेय उन लोगों को दिया जिन्होंने  उनको सदैव बेहतर करने के लिए प्रेरित किया ∣ 

 एक  इंटरव्यू  के दौरान नीरज चोपड़ा ने कहा कि " हमें कभी भी उन लोगों को नहीं भूलना चाहिए जो हमारी अहमियत  उस समय  समझते हैं जब हम कुछ  नहीं होते है ∣ साथ  ही आगे उन्होंने बताया की जीत को पाना इतना भी मुश्किल नहीं होता है ∣  जितना की हम सोचते हैं केवल हमें सभी चीजों को छोड़कर अपने लक्ष्य पर ध्यान देने की जरूरत है ∣ भारत में बहुत प्रतिभावान लोग है, केवल उनको अच्छे मार्गदर्शन की जरूरत है ∣

आज हम सब लोगों को उनकी इस जीत से ये जरूर सीख लेनी चाहिए ∣   कि जब भी हम किसी असम्भव काम को सम्भव करने के लिए मैदान पर उतरे, तो केवल हमारा ध्यान हमारे लक्ष्य पर हो न कि इस पर की लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं ∣ क्योंकि लोगों का काम है सोचना हमारा काम है अपने काम को शिद्दत के साथ करना क्योंकि "  कर्म ही पूजा है " ∣

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