कोई भी सफलता ऐसे ही नही मिलती

 

सपने  हर  इंसान देखता है ∣  पर उसे पूरा करने का हौसला  हर कोई नहीं रखता है ∣ जो रखता है हौसला कुछ करने का, वो गुजरता है कड़ी धूप  में  जहाँ पर रास्ता कांटों से भरा हुआ होता है ∣ 

इस बीच चुभते है कुछ कांटे, तो कुछ अवाम के ताने पर सहना हर हाल में उसे पड़ता है ∣ ऐसा नहीं है फर्क  नहीं पड़ता, उस समय कांटो की चुभना  से पर हर हाल में चलना ही पड़ता है ∣

क्या आसान होती है कोई जीत हासिल करना? 

जहाँ सफलता से ज्यादा असफलता का डर  हमारी आंखों में होता है ∣

क ई आसूं रोते है पर इम्तिहान जिंदगी के कहाँ कम होते है ∣ तब लगता है इस नियति को हम से ही परेशानी थी न जानें क्यों हमारी जिंदगी में सारे दुखों का पहाड़ रखना इन्हें जरूरी था ∣


तब भी हमने प्रयास जारी रखा था सफलता को पाने का क्योंकि थोड़ी सी आंधी हमें रोके इतना उसमें कहाँ दम था∣

अभावों के बीच भी सफलता पाना क्या आसान था- 

" पर था खुद पर भरोसा शायद इसलिए 

आज की जीत का जश्न हमारे नाम था"∣

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