अनिश्चितताओं के दौर में



आज हर इंसान की जिंदगी में इतनी अनिश्चितता बढ़ गयी है  कि उसे खुद भी ये नहीं मालूम कि कल उसका क्या होने वाला है ? 

हर चीज में वो गर्मी के मौसम की तरह लगातार बढ़ती जा रही है │

जिसके कारण मनुष्य किसी काम को कुछ समय तक न करना ही श्रेष्ठ समझ रहा है  और कुछ का तो जीवन ही अनिश्चित नाव में सवार हो गया है ,जो बैठ तो गया है नाव में किन्तु उसे नहीं मालूम नाव को किस ओर ले जाना है 

किन्तु इस अनिश्चितता के दौर में भी कुछ लोगों का जीवन बहुत निश्चित है  

ऐसे लोग सच में काली अंधेरी रात में भी तारे की तरह टिम टिमा रहे हैं  

वर्तमान समय में किसी भी चीज को करने के लिए योजना होना बहुत जरूरी है, क्योंकि जिनका प्रबंधन अच्छा है    वो ही आने वाले समय में अच्छे से जीवन यापन कर सकते हैं  │ 

वैसे भी सफलता कभी निश्चित नहीं होती, 

असफलता कभी अंतिम नहीं होती  

Comments