आईना


वो रोज की तरह आज भी खुद को छोटे से आईने में देखकर खुश हो रही है कि उस पर ये लाल साड़ी कितनी अच्छी लग रही है तभी पीछे से मिंटू ने आवाज दी माँ जल्दी चलो बस आ गयी.

पिंकी जो खुद  को आईने में  निहार ही रही थी कि उसे याद आया कि वो अब वो पिंकी नहीं रही जिसको देख हर लड़की उसकी तरह बनने का ख्वाब रखती थी पिंकी बचपन से ही एयर होस्टेज बनना चाहती थी किन्तु समय की मार उस पर ऐसी पड़ी कि वो अब घर और आफिस में सिमटकर रह गयी है आज शादी को उसे पूरे 20 साल हो गए लेकिन वो आज खुद को वहीं 20 साल की पिंकी मानती है जिसके लिए सजाना सवारना ही सब कुछ था ये बात और की वो अ ब ज्यादा श्रृंगार नहीं करती.

पिंकी ने खुद एक बार  निहारा और मिंटू को लेकर बस स्टाप पर पहुंची.

Comments