हम बीमार ही क्यों होते हैं


स्वास्थ्य जिसकी कीमत अक्सर हमें उसके खराब होने पर ही मालूम चलती है कि इस पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है हम में से कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें सामान्य बुखार भी आराम करने को मजबूर कर देता है तो वही कुछ लोग बुखार होने के बावजूद ऐसे सामान्य काम करते हैं जैसे कुछ हुआ नहीं उनको देखकर लगता है कि ये तो कभी बीमार नहीं होते जबकि सच्चाई इसे विपरीत होती है 

सामान्य दिनों की अपेक्षा हमें बीमार होने पर हम दो दिन में ऊब जाते है फिर लगता है यर स्वास्थ्य रहना ही सबसे अच्छा है कम से कम खाने का मजा और काम करने की ताकत तो होती है 

आज समकालीन समय में हम युवाओं का स्वास्थ्य वैसा नहीं है जैसा कि होना चाहिए ये बात अलग है कि आज हमारी जीवन शैली भी काफी बदली है.

आज समकालीन समय में वो लोग उन लोगों की अपेक्षा बेहतर है जो बहुत कम बीमार होते हैं और जब होते जल्दी ठीक हो जाते हैं.

आज तमाम व्यस्तता के बावजूद को अपनी जीवन शैली ऐसी रखे की बीमार कम और काम ज्यादा कर सके.

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