kGF movie रिव्यू पार्ट वन


अभी हाल ही में के जी एफ मूवी का दूसरे पार्ट का टेलर रिलीज किया गया है जिसमें रॉकी ने 'गरूड़' को कैसे मौत के घाट उतारा इसका खुलासा होगा जिसका सब दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे थे.

एल डोराडो.लास्ट सिटी आफ गोल्ड पश्चिमी देशों का एक मिथक है .  जो इस मूवी में  एल डोराडो से शुरू करते हुए एक लेखक कहानी सुनाना शुरू करता है 1951 से शुरू हुई कहानी केजीएफ, यानी कोलार की है इस मूवी की कहानी कुछ इस तरह से शुरू होती है

 इस मूवी के मुख्य किरदार रॉकी का जन्म होता है जो केजीएफ फैक्ट्री का इतिहास बदल देने वाला होता है जिसकी माँ मरते समय रॉकी को अंतिम शब्द के रूप में कहती है" कि लोग कहते हैं बिना पैसे के जीवन नहीं गुजारा जा सकता है लेकिन मैं कहती हूँ कि बिना पैसे के मरा भी नहीं जा सकता है बेटा तुम इतने अमीर बनना की लोग तुम्हारे मरने पर भी शोक करे" और फिर शुरू होता है रॉकी का संघर्ष और चुनौतियों जो मुम्बई का डॉन से लेकर बैगलुर तक में अपनी पहचान बनाने का मौका देती है जहाँ व़ो के जी एफ के मालिक के बेटे गरूड़ को मारने के लिए जाता है जहाँ वो के जी एफ फैक्ट्री में मानवता को शर्मसार होते हुए देखता है जहाँ लोगों से सोने की तस्करी करायी जाती है और उनसे जानवरों जैसे बर्ताव किया जाता है जहाँ रॉकी लोगों का मसीह बन जाता है और कुछ दिनों के बाद के जी गरूड़ को जान से मारने के लिए उसके सामने आ जाता है और मूवी हमारी जिज्ञासा को जहाँ तेज करती है वही मूवी खत्म हो जाती है और हम दर्शकों के मन में बहुत सारे सवाल खड़ा कर देती है 

इस मूवी के संवाद से लेकर इसकी पटकथा बहुत अच्छी लिखी गयी है मूवी में बनावटी पन कही भी दिखाई नहीं देता इसके सभी किरदारो ने अपनी भूमिका बहुत सही ढंग से निभाई.

अगर आप एक्शन और इमोशनल से भरी मूवी देखना पसंद करते हैं तो के जी एफ मूवी जरूर देखिए.

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