सब में कुछ न कुछ दूसरे से अलग कोई विशेषता होती है तो वही दूसरी ओर एक ऐसी चीज भी होती है जिसको लेकर अक्सर लोग आप का मजाक उड़ाते है अगर कोई ज्यादा पतला है तो उसे पापड़ और मोटा है तो उसे मोटू.
लेकिन जब ये ही मजाक हद से ज्यादा बढ़ जाएं तब ये उस व्यक्ति को झेलना मुश्किल हो जाता है जिसका हर मजाक बनाया जाता है
यहाँ एक बात गौर करने वाली है कि क्या सच में किसी की शरीर की बनावट उसके रूप रंग पर हंसना सही है ?
आप सब ने ऐसे अनेक लोग देखे होगे जो शारिरिक रूप से विकलांग है यह उन्हें जन्म जात की कोई बीमारी है लेकिन वो इसे अपनी ताकत बनाकर चल रहे हैं और आज वो जिंदगी के उस मुकाम पर बैठे है जहाँ पर सामान्य परिस्थितियों में भी नहीं पहुंचा जा सकता है.
आज हम लोगों को इस बात पर जरुर विचार करना चाहिए कि क्या किसी की प्राकृतिक बनावट को सही किया जा सकता है या फिर उसका मजाक बनाना ही बेहतर है.
एक मजाक तब ही तक अच्छा लगता है जब तक उन बातों का किसी को बुरा न लगे .
अगली बार किसी का मजाक बनाने से पहले एक बार जरूर सोचिएगा कही आप भी तो ऐसा नहीं कर रहे हैं.

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