आज हम सब सुबह उठते वक्त चाहे भले किसी भी काम को महत्व दे और पूरे दिन में उसे पूरा करने की सोचें किन्तु कोई ऐसा काम ज़ो जरूरी होने के बावजूद न कर पाऐं हो और फिर एक दिन की फिर उसे कर ले वो दोपहर से ज्यादा शाम खुद को सीख देने वाली होती है कि आज अंततः उस काम को कर ही लिया जिसे कब से करने की सोच रहे थे.
आज मौजूदा समय में हम सब की अपनी पसंद और नापसंद चीजें विचार है फिर भी वो चीजें जो हमारे लिए जरूरी है और हमें पसंद नहीं है फिर भी हमें उसे करना चाहिए क्योंकि पसंद और नापसंद से भी ज्यादा जरूरी कभी कभी आपका वो हित जरूरी होता है जो आपको कभी इस बात के लिए खेद न कराएं कि नापसंद होने के कारण उसे नहीं किया " आज समय बदलाव का है ".
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