माखनलाल चतुर्वेदी
जब बात मध्यप्रदेश के वीर और साहसी पत्रकारों की हो तो माखनलाल चतुर्वेदी का नाम न हो तो ये सबसे बड़ी भूल होगी.
माखनलाल चतुर्वेदी की कविता 'पुष्प की अभिलाषा 'जिसने पुष्प के माध्यम से वो बात कह दी जिसने मातृभूमि के प्रति प्रेम को प्रकट किया है जो की इस प्रकार है-
मुझें तोड़ लेना वनमाली
उस पथ पर तुम देना फेंका,
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने
जिस पर जाते वीर अनेक.
माखनलाल चतुर्वेदी के संपादन को लेकर प्रमुख सिध्दांत
1. अखबार में परिवारिका जानकारी न शामिल करना।
2.शुध्दता और स्पष्टता का ध्यान देना।
माखनलाल चतुर्वेदी जी रचना संसार-
माखनलाल चतुर्वेदी दिवेदी युगीन कवि थे जिस युग की प्रमुख विशेषता, प्रकृति चित्र ण, मानव प्रेम था.
उनकी रचनाएँ-
समय के पांव , संस्मरण 1962 में प्रकाशित किया गया। "हिमकिरीटनी के लिए (देव पुरस्कार से सम्मानित) किया गया.
उनका जन्म 4अप्रैल 1889 बाबई जबलपुर जिला म. प्र. में हुई.

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