विचार करना जरूरी है



आज  से हमारी होली की छूट्टी लगे पूरे एक महीने हो गये है  इस एक  महीने   में बहुत कुछ बदल गया है मुझे आज भी याद है कि 7 मार्च को जब मैं कालेज गयी थी तो मन में केवल यही था कि अब दोस्तों से मुलाकात 17 , 18  तारीख में ही  होगी मालूम नहीं था कि एक महीने में इतना कुछ बदल सा  जाऐगा . 
24 मार्च  से हमारे लिए एक नयी चौकने वाली बात थी जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने  कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों को देखते हुये ये घोषणा की  देश में अब 21 दिन का    

लॉक

 डाउन  रखा जाऐगा . 
आज दिनांक 8 अप्रैल है 15 अप्रैल को   

लॉक

   डाउन खुलने वाला है लेकिन अभी मरीजों की संख्या दिन व दिन बढ़ती जा रही है जिसे देखते हुए ये सोचना मूर्खता  सी होगी कि सभी चीजें 15 अप्रैल से सामान्य सी हो जाएगी.
अब सवाल ये उठता है कि भारत के अलावा किन देशों में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या सबसे  अधिक है जिसमें केवल अमेरिका के अब तक 11000 लोग मर चुके है इटली में भी कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या अधिक है.
आज ही मैंने एक रिपोर्ट पढ़ी जिसने मुझे संदेह में डाल दिया कि" सेंटर फार मानिटरिंग इंडियन  इकोनॉमी  सर्व  की रिपोर्ट कहती है कि लॉकडाउन में बेरोजगार की दर बढ़ कर 23% हो गयी है जिसके चलते करीब 5 करोड़ लोग बेरोजगार हुए  हैं
इन एक महीनों में हमारी जिदंगी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बहुत कुछ बदल गयी है.
"आवश्यकता है कि हम अपने आने वाले कल के लिए अभी से सोचे और विचार करें और खुद को कोरोना वायरस से बचाने   के लिए उपयुक्त नियमों का पालन करें " क्योंकि 
"स्वस्थ रहेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया."

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