भूख
एक थाली
एक रोटी की कीमत शायद मैं और आप बहुत कम समझते हैं लेकिन वो लोग हम
से ज्यादा समझते हैं जिनको दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं होती है आज हम इस जंग में केवल कोरोना वायरस से ही नहीं लड़ रहे हैं बल्कि रोटी जैसी चीजों के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं.
से ज्यादा समझते हैं जिनको दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं होती है आज हम इस जंग में केवल कोरोना वायरस से ही नहीं लड़ रहे हैं बल्कि रोटी जैसी चीजों के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं.
आज हम चाहे जितने भी शान शौकत में जीवन जी ले लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि हमारे देश में बहुत से ऐसे लोग भी है जो छोटे से घर में रहने को विवश है वहीं कुछ लोग जो खाने के लिए सुबह 6 बजे लाईन में लगते हैं जब जाके 12 बजे उन्हें खाना मिलता है.
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