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टी वी का सफर


                           टी वी
 जो कभी किसी के घर में होती थी तो उसका बहुत सम्मान होता था। लोग रामायण, महाभारत देखने दूसरे के घर में जाया करते थे।
पहले के समय टी. वी.  लोगों के मनोरंजन का एक अकेला साधन होता था।
लोग अपने परिवार के साथ मिलकर टी. वी. देखा करते थे।
 जिसका उद्देश्य केवल मनोंरजन भर नहीं था बल्कि लोगो को ऐजुकेट करना  भी  था।
जिसे हिन्दी में दूरदर्शन कहते है 21 नवम्बर को  ' विश्व टेलीविजन दिवस' मनाया जाता है।
टेलीविजन का इतिहास 
टेलीविजन का आविष्कार साल 1927 में अमेरिका के  साइंटिस्ट'जॉन  लॉगी बेयर्ड 'ने किया था।साल 1934 तक टेलीविजन पूरी तरह से  इलेक्ट्टानिक स्वरूप धारण कर चुका था।1938 में औपचारिक तौर पर जॉन  लॉगी बेयर्ड  टेलीविजन  को मार्केट में लेकर आए।इसके दो साल बाद आधुनिक टेलीविजन के स्टेशन खुले और दर्शकों की संख्या बढ़ी।
टी वी की असली अहमियत को यूनाईटेड  नेशन ने 1996 में' विश्व टेलीविजन दिवस 'मनाने की घोषाण की।







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