सोचना जरूर
*जब कहीं जाना हो और बस भारी मिलें तभी उस बस में बैंठ जाते है क्योंकि जाने की जल्दी होती है कितने भी धक्के क्यों न खाने पड़े ,फिर क्यों हम जिंदगी में आयी कठिनाईयों और चुनौती से घबरा जाते हैं।
*जब कहीं जाना हो और बस भारी मिलें तभी उस बस में बैंठ जाते है क्योंकि जाने की जल्दी होती है कितने भी धक्के क्यों न खाने पड़े ,फिर क्यों हम जिंदगी में आयी कठिनाईयों और चुनौती से घबरा जाते हैं।
Comments