अभिजीत वनर्जी
अभिजीत वनर्जी को मिला नोबल पुरस्कार
भारतीय अमरीकी अभिजीत विनायक वनर्जी को इस साल का नोबल पुरस्कार दिया गया है यह पुरस्कार उनको और उनकी पत्नी इश्तर डूफलो और माइकल केमर के साथ संयुक्त रूप में दिया गया हैं।
"नोबल पुरस्कार देने वाली रायल स्वीडिश एकेडमी अॉफ साइंसेज ने अपने बयान नें कहा है कि १०१९ में नोबल पुरस्कार उन विजेताओं को दिया गया है जिन्होनें वैश्विक गरीबी से लड़ने के लिये कार्य किया है"।
"गरीबी दूर करने के लिये दिये फॉर्मूले- अभिजीत वनर्जी"
अभिजीत के अहम सुझाव बच्चों को खाना व मुफ्त किताबें देना तो ठीक पर कमजोर बच्चों को खोज कर एजुकेशन देने से ज्यादा फर्क पड़ेगा 'गरीब बस्तियों में मोबाईल, क्लीनिक हो सभी बच्चों का टीकाकरण कराएं ़ ,बच्चों को पौष्टिक भोजन मिले ,उन्हें सेहतमंद रखने के लिए सब्सिडी दी जाऐं।
कोलकात्ता से छह विजेता
अभिजीत छठे नोबल हैं जिनका जुड़ाव
कोलकात्ता से है उनके पहले रवीन्द्दनाथ टैगोंर ,सीवी़रमन ,मदर टेरेसा , अमर्त्य सेन और रोनॉड बोस को यह सम्मान मिल चुका है।
दुनिया के ५६८ जगह उपयोग
अभिजीत की 'अब्दुल जमीललतीफ पावर्टी एक्शन लैब' समेत कई देशों में ५६८ स्थानों पर उपयोग किए है जिससे गरीबी के कारणों को समझने में मदद मिली।
पूरा परिवार इकोनोमिस्ट
अभिजीत की मां निर्माला सेंटर फॉर स्टडीज इन सोशल साइंस में इकोनॉमी की अध्यापक रहीं है पिता दीपक कॉलेज में इकोनॉमी डिपार्टमेंट के मिनिस्टार रहे थे ।

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