आध्यात्मिकता का वास्तविक रूप दिखाती है "द गाइड मूवी"
डॉयरेक्टार - विजय आनंद
मुख्य किरादर - देव आनंद, वहीबा रहमान,लीला चिटनिस ,अनवर हुसैन ,
भाषा - हिन्दी
देश - भारत
द गाइड मूवी जो आध्यात्मिक का असली रूप दिखाती है ये आर. के . नारायण का सबसे अच्छा उपन्यास है जिस पर १९६४ में मूवी बनी थी राजू जो कि इसका मुख्य किरादार है वो आध्यत्मिक का असली मतलब बतता हैं फिल्म की शुरूआत यहां से होती है जब राजू छ: महीने के बाद जेल से बाहर निकलकर आता है वह समझ नहीं पाता हैं कि वहां किस और जाऐं वह अपने गांव न जाकर दूसरे गांव चला जाता हैं और वो लोग राजू का बहुत मान सम्मान करने लगते है वहीं दूसरी तरफ रोजी और राजू की मां उसे लेने आती हैं तब
उन्हें पता लगता हैं कि राजू वह से चला गया हैै। राजू की मां रोजी को इसके लिये दोषी ठहारती है जब रोजी अपनी कहानी बतती हैं कि उसकी मां एक दासी होती है जिस कारण वह रोजी का विवाह एक नेक घर में कर देना चाहती कि रोजी पर इसका साया न पड़े मार्को से उसकी शादी हो जाती है इसी बीच वो उदयपूूूर मार्को और उसकी पत्नी रोजी आती है राजू जो की गाइड होता है उसे गाइड करता है और सभी जगह को घूमता है मार्को को गुफा दिखाता हैं ।
इसके बारे में आगे जानने के लिये कि अखिरा ऐसा क्या हुआ जिस कारण राजू को जेल जाना पड़ा ,और इस सब के लिये राजू की मां रोजी को दोषी मनती है
आपको द गाइड मूवी देखनी होगी।

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